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महकाए घर में खुशी, ला कर मंगल पाँव,
फैले प्रकाश सुरभि का, खिलता सारा गाँव.
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बेटी की भाँवर पड़ी, चली आज परदेश,
तीन देव रक्षा करें, चुन्नी, शोनी, महेश.
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बिदा अतिथि को कर रहे, उनसे ले आशीष,
शादी शोनी की करें, कृपा करें जगदीश.
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सारे अतिथि निकल रहे, कर व्यक्त आभार,
करते हैं हम कामना, सुखी रहे परिवार.
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विभोर चालीसा
दो बाईस को आया, लखीमपुर का लाल,
दादा-दादी हो गए, पाकर उसे निहाल.
पापा मम्मी को मिलीं, खुशियाँ अतुल, अपार,
मानों उनका बस गया, पूरा ही संसार.
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नाना-नानी का दुलारा, मौसी दें प्रेम की धारा .
मामा का लाड़ वो पाए, सिर चढ़ा कर उसे घुमाए .
गोरा सुंदर रूप सलोना, काजल से लगा ढिठौना .
स्वस्थ बालक सबको भाए, उसे खिलाने को ललचाए .
माता जब पढ़ाने जाए, नानी घर खुश हो जाए .
पापा जब आॅडिट को जाते, ढेर खिलौने उसके आते .
आकर बहना काम बढ़ाए, भाई का वो प्यार बटाए .
झगड़ा करने में शरमाती, शोर मचा कर सबको जगाती .
बहना की रक्षा कर लेता, उसके रहते कुछ न होता .
भाई-बहन की जोड़ी प्यारी, जग सब जाता बलिहारी . 10
अनुशासन पूरा दिखलाए, सब पर अपना रौब जमाए .
पढ़ने में वह अव्वल आए, टीचर भी उसके गुण गाए .
नाना संग शतरंज जमाए, मात कभी न वह दे पाए .
मौसी ने कैरम सिखलाया, भले खेल से उन्हें रिझाया .
करी प्रतियोगिता की तैयारी, मिली सफलता उसमें सारी .
पुणे से इंजीनियरिंग करी, मिल गई फिर वहीं नौकरी .
तकनीकी नौकरी वह पाता, पढ़ा हुआ कुछ काम न आता .
दो - तीन जगह सेवा दे दी, सबने फिर तारीफ़ें कर दीं .
फ़्लैट एक बुक कराया, मनोयोग से उसे सजाया .
फ्रिज, टी. वी. व बेड मंगाया, बहुत ढंग से उसे लगाया . 20
बाइक और कार ले लीन्ही, मजे में सवारी उसकी कीन्ही .
सर्विस उसकी सदा कराई, नियम कायदा खूब अपनाई .
पर्यटन में रुचि दर्शाई, भारत भर में करी घुमाई .
मित्र, सखा, संबंधी भाए, सबसे अच्छे रिश्ते निभाए .
बहना पर वह जान लुटाए, आँच कभी न उस पर आए .
सेवा करने को वह तैयार, हाल बताए बस कोई यार .
अच्छे भोजन के शौकीन, पसंद नहीं उसको कैंटीन .
किचन में सामान जुटाया, कुक से उसे बनवाया .
फालतू खर्च में नहीं विश्वास, सादा जीवन उसकी आस .
दिल का वह है अति साफ, सबको कर देता माफ़ . 30
फिर आया शादी का खयाल, उठे दिमाग में कई सवाल .
होगा कैसा जीवन साथी, प्यार की जग पाए बाती .
चमका उसका भाग्य सितारा, सुरभि का मिल गया सहारा .
देखे शादी के विज्ञापन, मिला नहीं अपनापन .
सुरभि बेटा मन को भाए, साथ में सतरंगी सपने सजाए .
इसी लिए हम सब आए, यह शादी यादगार बन जाए .
सारी खुशियाँ दोनों पाएँ, आपस में विश्वास जगाएँ .
एक दूसरे के हो जाएँ, सुख दुख के साथी हो जाएँ .
हम सब शुभकामना दे जाएँ, उनको दिल से आशिष दे जाएँ .
रहे सदा सुखी जोड़ी प्यारी, यह रही मनकामना हमारी . 40
स्वागत सबका कर रहा, यहाँ सदन में आज,
एक लाल को आशीष, देता सभी समाज.
हरषित सबके साथ हैं, माता, पिता, विभोर,
बहना की मत पूछिए, यह दिल माँगे मोर.