Friday, 16 November 2018

विभु की शादी


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महकाए घर में खुशी, ला कर मंगल पाँव,
फैले प्रकाश सुरभि का, खिलता सारा गाँव.
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बेटी की भाँवर पड़ी, चली आज परदेश,
तीन देव रक्षा करें, चुन्नी, शोनी, महेश.
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बिदा अतिथि को कर रहे, उनसे ले आशीष,
शादी शोनी की करें, कृपा करें जगदीश.
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सारे अतिथि निकल रहे, कर व्यक्त आभार,
करते हैं हम कामना, सुखी रहे परिवार.
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विभोर चालीसा

दो बाईस को आया, लखीमपुर का लाल,
दादा-दादी हो गए, पाकर उसे निहाल.

पापा मम्मी को मिलीं, खुशियाँ अतुल, अपार,
मानों उनका बस गया, पूरा ही संसार.

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नाना-नानी का दुलारा, मौसी दें प्रेम की धारा .
मामा का लाड़ वो पाए, सिर चढ़ा कर उसे घुमाए .

गोरा सुंदर रूप सलोना, काजल से लगा ढिठौना .
स्वस्थ बालक सबको भाए, उसे खिलाने को ललचाए .

माता जब पढ़ाने जाए, नानी घर खुश हो जाए .
पापा जब आॅडिट को जाते, ढेर खिलौने उसके आते .

आकर बहना काम बढ़ाए, भाई का वो प्यार बटाए .
झगड़ा करने में शरमाती, शोर मचा कर सबको जगाती .

बहना की रक्षा कर लेता, उसके रहते कुछ न होता .
भाई-बहन की जोड़ी प्यारी, जग सब जाता बलिहारी .                     10

अनुशासन पूरा दिखलाए, सब पर अपना रौब जमाए .
पढ़ने में वह अव्वल आए, टीचर भी उसके गुण गाए .

नाना संग शतरंज जमाए, मात कभी न वह दे पाए .
मौसी ने कैरम सिखलाया, भले खेल से उन्हें रिझाया .

करी प्रतियोगिता की तैयारी, मिली सफलता उसमें सारी .
पुणे से इंजीनियरिंग करी, मिल गई फिर वहीं नौकरी .                              

तकनीकी नौकरी वह पाता, पढ़ा हुआ कुछ काम न आता .
दो - तीन जगह सेवा दे दी, सबने फिर तारीफ़ें कर दीं .

फ़्लैट एक बुक कराया, मनोयोग से उसे सजाया .
फ्रिज, टी. वी. व बेड मंगाया, बहुत ढंग से उसे लगाया .                          20

बाइक और कार ले लीन्ही, मजे में सवारी उसकी कीन्ही .
सर्विस उसकी सदा कराई, नियम कायदा खूब अपनाई .                       

पर्यटन में रुचि दर्शाई, भारत भर में करी घुमाई .
मित्र, सखा, संबंधी भाए, सबसे अच्छे रिश्ते निभाए .

बहना पर वह जान लुटाए, आँच कभी न उस पर आए .
सेवा करने को वह तैयार, हाल बताए बस कोई यार .

अच्छे भोजन के शौकीन, पसंद नहीं उसको कैंटीन .
किचन में सामान जुटाया, कुक से उसे बनवाया .

फालतू खर्च में नहीं विश्वास, सादा जीवन उसकी आस .
दिल का वह है अति साफ, सबको कर देता माफ़ .                           30

फिर आया शादी का खयाल, उठे दिमाग में कई सवाल .
होगा कैसा जीवन साथी, प्यार की जग पाए बाती .

चमका उसका भाग्य सितारा, सुरभि का मिल गया सहारा .
देखे शादी के विज्ञापन, मिला नहीं अपनापन .

सुरभि बेटा मन को भाए, साथ में सतरंगी सपने सजाए .
इसी लिए हम सब आए, यह शादी यादगार बन जाए .

सारी खुशियाँ दोनों पाएँ, आपस में विश्वास जगाएँ .
एक दूसरे के हो जाएँ, सुख दुख के साथी हो जाएँ .

हम सब शुभकामना दे जाएँ, उनको दिल से आशिष दे जाएँ . 
रहे सदा सुखी जोड़ी प्यारी, यह रही मनकामना हमारी .                 40

स्वागत सबका कर रहा, यहाँ सदन में आज,
एक लाल को आशीष, देता सभी समाज.

हरषित सबके साथ हैं, माता, पिता, विभोर,
बहना की मत पूछिए, यह दिल माँगे मोर.

Tuesday, 13 November 2018

साठ साल की वंदना


वंदना

साठ बरस की बालिका, बन गई सासू माँ,
दादी-नानी उपहार, बांधा अजीब समां.

घर की बड़ी बहू बनी, चार नंबरी बेटी,
पी.एच.डी. तक वो पढ़ी, बेले चार रोटी.

बाल दिवस पर वो पधारी,
बड़ी दुलारी, सबकी प्यारी.
नाम रखा उस का वंदना,
बहन हैं मीना, बीना, रंजना.               2.

माता रानी बड़ी सुशीला,
पापा जी तो हर फन मौला,
भैया उसके, कहते राजन,
भोली सूरत, मन से भावन.                4.

इलाहाबाद में पली-बढ़ी,
मीठी बोली जीभ पर चढ़ी,
पढने लिखने में तो आगे,
कॉकरोच से डर कर भागे.                 6.

पीलीभीत में रहतीं नानी,
लाड़ लडा़ने में नहिं सानी,
नरेश मामा को सब चाहें,
खुशी से फैलीं उनकी बाहें.                8.

अपने गुणों से नाम कमाई,
रिश्तेदारी में धाक जमाई,
छोटे भाई को दिल से चाहा,
उसकी खुशी में सब कुछ स्वाहा.      10.

स्कूल कॉलेज का मान बढ़ाया,
एम. ए. तक में नाम कमाया,
खेल खेल में थीसिस लिख ली,
गुरु कृपा से पी.एच.डी. ले ली.        12.

फिर नौकरी की जुगत बिठाई,
मन की जाॅब जमी नहीं भाई,
भाभी पा कर अति हर्षाई,
अपनी शादी की  योजना बनाई.       14.

सत्ताईस बरस में शादी रचाई,
दिनेश संग बड़ौदा चलि आईं,
परिचय परिवार संग बढा़ई,
प्रेम से सब संस्कार अपनाई.            16.

भक्ति, भगवान की अलख जगाई,
व्रत, त्योहार श्रद्धा से अपनाई,
धर्म, ध्यान में रुचि दिखलाई,
पड़ोसिनों से दोस्ती निभाई.             18.

साथ में स्कूटर पर सैर कर आई,
सुबह की चाय में रुचि दिखलाई,
प्रतीक्षा वापसी की करती,
मनोयोग से खूब संवरती.                19.

विश्रुत भैया जब घर में आए,
जीवन खुशियों से भर जाए,
सारा उसका रखती ध्यान,
साथ साथ में दे जाए ज्ञान.              20.

नहला धुला कर उसे सजाती,
टी.वी. दिखा कर खाना खिलाती,
सारा उसका खरीदा सामान,
छिड़की उस पर अपनी जान.          22.

बाद में आई मुग्धा प्यारी,
हरकतें उसकी उलटी सारी,
जन्मदिन सबके खूब मनाए,
सब तैयारी घर में कर पाए.            24.

जोरहाट की शोभा निराली,
प्रकृति संग आनंद मना ली,
उल्फ़ा का भय रहा विकराल,
निकले किसी तरह तीन साल.        26.

गोरेगाँव, मुंबई में आवास पाएँ.
स्कूलों में बच्चे पढ़ने जाएँ,
रोज़ की भाजी खुद वह लाए,
मंदिर-दर्शन साथ में कर आए.        28.

रिश्तेदार सब मिलने आए,
अच्छा स्वागत वह कर पाए,
जुहु बीच पर उन्हें घुमाए,
परिवार संग प्रीत निभाए.                30.

भाई की सत्संगत पाए,
परिवार संग तालमेल बिठाए,
बच्चे साथ की जुगत लगाएँ,
कई जगह घूम कर आएँ.            32.

बड़ा आवास बांद्रा में पाएँ,
ढंग से फर्नीचर खूब सजाएँ,
सोशल सर्किल में धाक जमाएँ,
पर्व, त्योहार खूब मनाएँ.                34.

नई खरीदी मारुति कार,
बेची पुरानी भाव भंगार,
घुमा दिए सब रिश्ते दार,
हो आए फिर सबके द्वार.              36.

होली, दीवाली बरेली जाती,
उपहार सभी को ले जाती,
स्लीपर क्लास में यात्रा करती,
गैर जरुरी नहीं खर्च कराती.           38.

पहले शादी रचवाई लक्ष्मी प्यारी,
शोभा के बाद फिर सविता की बारी,
विनय पूछते, आएगा कब मेरा नंबर,
भाभी बोली, बहू ढूंढने जाऊँ अंबर.  40.

प्रतिमा को निर्णय लेना सिखलाया,
शादी - महातम फिर उन्हें बताया,
माताजी को खूब मनाया,
रवीन्द्र जैसा दूल्हा दिलवाया.           42.

ट्राँस्फर पर कारैक्काल चलि आईं,
सिया सी बनवास-प्रथा निभाई,
राजभाषा में रुचि दिखलाई,
सभी आयोजनों में भाग ले पाई.       44.

कुंजुम कुंजुम तमिल सीख वो पाईं,
मुग्धा की इंजीनियरिंग करवाई,
मदुरै, रामेश्वर दर्शन कर पाई,
नवग्रह मंदिरों में करी घुमाई.           46.

हाॅस्टल में बेटा छोड़ कर आईं,
बेटी अपने संग ले आईं,
पाँडि, चेन्नई की खूब घुमाई,
पसंद की माँजा कार दिलाई.           48.

बेटे की खातिर मुंबई आईं,
चाहा बेटा करे पढ़ाई,
अम्मा की जब ममता पुकारी,
इलाहाबाद से बुलवाई प्यारी.           50.

कामोठे नगर उनको भाया,
एक फ़्लैट बजट में समाया,
नया माहौल वह अपनाई,
पडोसियों से मेल बढ़ाई.                 52.

नवरात्रि, गणपति पूजा भाई,
माँ, सासू माँ दोनों यहाँ पर आई,
इलाहाबाद से माँ की हुई बिदाई,
बेटे को कार अलग दिलवाई.           54.

सासू माँ की सेवा कर पाई,
बरेली में उनको दी बिदाई,
दोनों बच्चों की फिर करी सगाई,
एक बेटी भेज, दूजी घर ले लाई.      56.

अंकित बेटा को दामाद बनाया,
शैंकी बिटिया को अपनाया,
ऋधर्व ने आकर परिवार बढ़ाया,
प्रानिका ने पूरा v8 बसाया.             58.

थाॅयराॅयड का भय भरमाया,
योग को जीवन अंग बनाया,
गंगटोक, दार्जिलिंग खूब घुमाया,
रूस घूम कर ज्ञान बढ़ाया.              60.

जन्मदिन शुभकामनाएँ, देते सारे यार,
साठ साल आनंद ले, बसा लिया संसार.

प्यारी स्वस्थ सुखी रहे, ले इच्छित बधाई,
रहना मीत हर दिल की, हो न कभी पराई.

जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं व आशीर्वाद.