भागवत कथा विवरण : -
कथा भागवत की हुई, मंदिर में इस बार,
व्यास तिवारी जी बने, गणपति का उपकार.
मनोयोग से कर दिया, गीता का प्रचार,
अनिल जी ने बुला लिए, पंडित के अवतार.
प्रकाश जी ने प्रस्ताव दिया, वसंत जी ने समर्थन किया.
संगीत साधक बुलवाए, फेसबुक पर कथा चलाए.
सोनी कंपनी शान बढ़ाए, व्हाट्सएप पर धाक जमाए.
भक्तों ने श्रद्धा दिखलाई, दो घर से यजमान बनाई.
आठ अप्रैल को कलश रखा, भागवत श्रवण का पुण्य चखा.
सुबह देव, ग्रह पूजन होता, पंडित जी का आशीश होता.
नौ तारीख से नियमित कथा, भागवत हरती मन की व्यथा.
सूत जी ने कथा सुनाई, सुनी परीक्षित मन लगाई.
भागवत का महत्व बताया, पाप पुण्य अंतर समझाया.
धुंधकारी ने पाप कमाए, गोकर्ण कथा कह धुलवाए.
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अपने पूर्वज याद कराए, उनमें श्रद्धा भाव जगाए.
रोज सुबह आरती गाएं, शाम को सब कथा सुन पाएं.
बीच में ध्यान लगाएं, अक्सर व्यास भजन सुनाएं.
भक्त भागवत में रम जाएं, साथ मिलकर ताली बजाएं .
उचित समय साथ गुनगुनाएं, मस्ती आए, नाच दिखाएं.
नर से कहीं कम नहीं नारी, झूम झूम कर नाचीं सारी.
सृष्टि सृजन की कथा सुनाई, सती का इतिहास बताई.
पति अवज्ञा परिणाम बताया, अपमान का बदला चुकाया.
सती का बलिदान बताया, वीरभद्र का दर्श कराया.
बालक ध्रुव का तप बतलाया, नारद जी का कार्य बताया.
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सब कुछ संभव कठिन तप से, एकनिष्ठ लक्ष्य से ध्रुव लसे.
भक्त प्रह्लाद की गाथा गाई, कष्ट सहन की विधि समझाई.
विविध नरक की गति बतलाई, पुनर्जन्म व्यथा सह पाई.
गज ग्राह की कथा सुनाई, उनका पिछला जन्म बताई.
भक्ति ध्यान की महिमा गाई, नारायण ना देर लगाई.
सब भक्तों को मोक्ष दिलाया, भव बंधन से मुक्त कराया.
सागर मंथन दृश्य दिखाया, वामन का वर्णन सुनवाया.
दान, वचन की महिमा गाई, लखी शुक्राचार्य चतुराई.
राम कथा संक्षेप में गाई, कृष्ण जन्म की कथा सुनाई.
मार कंस मुक्ति मात दिलाते, नाना को गद्दी पर बिठाते.
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गोवर्धन का भ्रमण कराया, इंद्र को सही मार्ग दिखाया.
भक्तों ने छप्पन भोग कराया, लीला से अवगत करवाया.
दानवों को मार गिराया, भक्तों को स्वलोक पहुंचाया.
महारास कर जग भरमाया, रुक्मिणी से विवाह रचाया.
सभी रानियों से मिलवाया, जरासंध का वध करवाया.
सखा सुदामा भाव सुनाया, कर्मफल से सबको चेताया.
भील बाण से तन तजवाया, देवलोक को गमन कराया.
यज्ञ करा कर फल दिलवाया, परीक्षित को मोक्ष दिलाया.
सबको भागवत भोज कराया, लोगों में भक्ति भाव जगाया.
गर्व सनातन हमें बताया, हमें सही इतिहास बताया.
करते हैं हम कामना, कथा यहां हर साल,
सभी का सहयोग मिले, पा भागवत प्रवाल.
दायित्व सभी का रहे, दें अपना सहयोग,
खुश मन सबका बने, रहे न कोई रोग.
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