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चंद हाइकू छंद -
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मैं धृतराष्ट्र हूँ,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
नकली धृतराष्ट्र,
नेत्रहीन,
सहनशीलता की कमी,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
अच्छा लगे,
पुत्रमोह,
सांसारिक विरक्ति से परे,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
अनदेखा सत्य,
अनिश्चित भविष्य,
मजबूरी की हताशा,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
कुछ मेरी महत्वाकांक्षा,
राज दायित्व,
सामाजिक बंधन,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
प्रजापालन अभिलाषा,
गुरुजनों की चेतावनी,
बंधु सलाह,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
निंदा भय,
आलोचना की आशंका,
अप्रिय सत्य श्रवण,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र हूँ.
साथ हैं,
भीष्म, द्रोण, विदुर,
कृष्ण आशीश,
मैं धृतराष्ट्र ही हूँ.
नहीं कोई वैरी,
अतुलित बल,
पट्टीसहित पत्नी,
मैं धृतराष्ट्र हूँ,
हाँ, मैं धृतराष्ट्र ही हूँ.
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प्यारा बच्चा,
संवेदनशील, साहसी,
भविष्य का आधार.
पत्नीप्रिय, स्वप्निल भाई,
दुलारे विशु,
की जयकार.
समृद्ध, संपन्न, सुखी,
रहे संतुष्ट,
बालक हमार.
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कबीर कहिन,
निंदक नियरे राखिए,
फिर पत्नी ?
असुर सुर ऊपर,
भारी,
यह रीत पुरानी.
बाहर रावण मारा,
भीतर का,
कब मारोगे ?
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अत्याचार का प्रभाव,
राजनैतिक सहानुभूति,
जागरूक रोहिंग्या.
आर्थिक सुधार,
न्यायिक आय,
बंद काली कमाई .
पेट्रोल भाव,
जी.एस.टी. में लाय,
बंद आलोचना.
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नव संवत्सर आरंभ
पर वर्षा
शुभ संकेत.
परंपरा निर्वहन
व्रत, पूजा
गरबा के साथ.
स्वागत माँ
मूर्ति स्थापना
पंडित की तलाश.
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मोबाइल प्रवीण,
, पर्यटक, कुशल,
कलाप्रिय बालिका.
श्वेतवर्णा, अल्पाहारिणी,
कालदृष्टा, स्मिता
भगिनीप्रिया, सुंदरी, सखा.
सरल, सुकोमल,
चतुर, मृदुल,
तन्वगी, हर्षित ऋषिका.
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हमारी लाचारी,
हमारी कायरता,
बढ़ाए पाक साहस.
गद्दार बचाएँ,
सैनिक मरवाएँ,
वोट राजनीति अपनाएँ.
कड़ी निंदा,
तीव्र विरोध,
साहस बढ़ाएँ लतखोर !
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जापानी छंद ' *तांका* ' में प्रथम चिंतन -
विकास गति,
समग्र व सहज,
अनवरत,
सही दिशा निर्देश,
निर्बाध कर्मठता.
दृढ़ निश्चय,
कठोर अभ्यास,
ईमानदारी,
मेहनत की आय,
दे पूरा संतोष.
ईश निष्ठा,
परिवार पालन,
समग्र प्रेम,
जीवन परिभाषा,
मोक्ष का रहस्य.
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राजभाषा दिवस
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नौकरी की दरकार,
पढ़ाई माध्यम,
कम आत्म विश्वास.
रही कुछ मजबूरी,
या लाचारी,
उपेक्षिता हिन्दी हमारी.
सबल संयम,
अपनी संविधान,
कल्पना के विस्तृत आयाम,
अनुुपम संभावना,
नवाचरण परिकल्पना,
राजभाषा प्रयोग प्रावधान.
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होली
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दिल से खेली ,
मन रंगी ,
शुष्क होली .
मिटा कलुष ,
धुल गया मैल ,
जलरहित होली .
परंपरा निभी ,
चरित्र सजीव ,
मृदुस्मिता होली .
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स्वतंत्रता दिवस
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ओ.एन.जी.सी.
छुए नए आयाम ,
खोजे तेल क्षेत्र .
आज खुश देश ,
पा कर आज़ादी ,
मनचाही .
भरे पेट किसान ,
खुशहाल जवान ,
हमारी मुस्कान .
राजनैतिक व्यभिचार ,
निहित स्वार्थ ,
गिरवी रखते देश .
शिक्षा प्रसार ,
स्वस्थ परिवार ,
देते उच्च विचार .
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शहीद
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फिर शहीद
एक दशक बाद
कारगिल पुनरावृत्ति
हत्यारे मर गए
कितने निर्दोष
मार कर
अमर सैनिक
शहीद हुए
जीवनदान दे के
भ्रष्ट नेता माँगें
भीख प्राणदान
आतंकी का
विचलित दंडाधिकारी
बिसारें विवेक
धन्य लक्ष्मी कृपा .
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प्रथम प्रयास
ReplyDeleteप्रथम प्रयास
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