बेटे की शादी में जाग उठे , सुप्त रहे अरमान ,
आज के समारोह से , बढ़ी कुलों की शान .
बेटे के आगमन से , बढ़ गया ख़ानदान .
परिवार में सब का , बढ़ा दिया सम्मान .
अवतरित हुआ एक नन्हा तारा , बन गया वह सब का प्यारा .
बड़ौदा नगर में जब वह आया , सब ने उसे गले लगाया .
शांता देवी अस्पताल उसको भाया , डॉ. उदार ने उसे जगाया .
ख़ुशी से झूमती आई दादी , आने में थोड़ी देर लगा दी .
नामकरण में सभी पधारे , नाचने गाने लग गए सारे .
बड़े लाड़ से सभी खिलाएँ , कौतुक उसके देख हरषाएँ .
मोहक मुद्रा से माँ मुसकाई , बड़े लाड़ से नाज उठाई .
रात आठ बजे का समय विकराला , रो रो कर भए बेहाला .
दूध बना कर बोतल सुड़काई , खाली करके सोए भाई .
पॉटी की जब होवे शंका , छिप कर बैठ गए बंका .
दूरदर्शन की ट्यून सुनाई , कहीं से भागे आए भाई .
सीधा सच्चा सरल सुभाऊ , छल बल न भावै काऊ .
संगीत के रहे परम पुजारी , नए यंत्रों की हुई खरीदारी .
स्कूल में नाश्ता फेंक कर आवें , घर आ कर सर दर्द बतावैं .
ट्राइसिकिल तो खूब चलाई , राहुल संग प्रीत भली निभाई .
बहन को प्यार अतिशय कीन्हा , दिल से आशिष उसको दीन्हा .
उसकी उन्नति लक्ष्य बनाए , नए नए करतब सिखलाए .
बाल सुलभ क्रीड़ा कर आए , माँ को मुदित वो कर जाए .
लाइट वो है , सब को बताए , भोले भाव से सब हरषाए .
नाटक , मिमिक्री , संगीत प्यारा , बड़े चाव से उसने धारा .
नाना संग शतरंज वो खेला , उन से भी वो आगे निकला .
संस्कार परिवार के पाए , भाई बहन का ज्ञान बढ़ाए .
उत्सव औ त्योहार मनाए , बड़े चाव से उनमें रम जाए .
रामू काका उसे सुहाए , हर बार नया नाटक करवाए .
यारों संग पिकनिक को जाए , नए नए करतब दिखलाए .
रॉफ़्टिंग , डाइविंग , ट्रैकिंग कर आए , एक नया अनुभव वो पाए .
हर वर्ष एक यात्रा कर आए , मित्रों से संबंध प्रगाढ़ बनाए .
विदेश में भी धाक जमाई , संस्कृति वहाँ की मन को भाई .
विचारधारा नई बन पाई , फिर भी घर की याद सताई .
पूजा पाठ कर ऑफ़िस को जाए , दिए लक्ष्य पूरे कर आए .
नवाचरण में अविश्वास बनाए , एम. बी. ए. के फ़ंडे अपनाए .
सरल हृदय का यह बालक , बनता जाए सक्षम पालक .
शैंकी बिटिया उसको भाए , जीवन उसके साथ बिताए .
रखे परिवार में बैलेंस बनाए , सब के मन में वह बस जाए .
उन दोनों में बने तालमेल , जीवन का नव खेलें खेल .
अपेक्षा सबकी पूरी कर जाए , अनुपम एक स्थान बनाए .
याचक भाव ले मुरादाबाद जाएँ , कन्यादान में शैंकी पाएँ .
सहयोग समधी से पाएँ , आश्वासन उनको हम दे आएँ .
उनकी बेटी , बेटा हमारा , सुखी रहे परिवार हमारा .
आतिथ्य की याद मनाएँ , शादी को सब दिल में बसाएँ .
ले बारात बालक की , चलें मुरादाबाद ,
मुदित मन से वापस आएँ , दे कर आशीर्वाद .
रहे सलामत , प्रसन्न मन , परिणय की नव जोड़ी .
स्वस्थ मन, दुर्भाव बिन , कुरीति सदा को छोड़ी .
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